बाज़ार

February 23, 2016 Mukesh Rawat 0

बाज़ार -मुकेश रावत (mukeshrawat705@gmail.com यह दुनिया एक बाज़ार है, हर शख्स एक सौदागर। यहाँ सपने कुचले जाते हैं भावनाऐं नीलाम हो जाती हैं।। हर चीज […]

सुनो वीर भगत सिंह !

February 6, 2016 Mukesh Rawat 0

अडसठ वर्ष आजादी के होने को आये पर गुलाम है स्वप्न आज भी तुम्हारा | जो तुमने कभी सोचा नहीं देखो हमने वो आज कर […]